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कर्म कौमुदी
प्राचीन वैदिक काल से ही कर्म कि महत्ता रही है . सायण   के अनुसार वेद के सभी मन्त्रो का विन..
Rs.350 Rs.280
कल्कि पुराण -  वेद व्यास विरचित हिंदी अनुवाद के साथ
कल्कि पुराण में प्रथम मार्कण्डेय जी और शुकदेव जी के संवाद का वर्णन है। कलयुग का प्रारम्भ हो चुक..
Rs.300 Rs.240
कात्यायन शुल्बसूत्रम् (सोपपत्तिकं पर्यालोचनम्) - डाo रमेशचन्द्र दाश शर्मा
वैदिक वाङ्ग्मय में शुल्ब सूत्रों का स्थान अति महत्त्वपूर्ण है. श्रौत यागों में कुण्डमण्डप तथा इष्टका..
Rs.450 Rs.360
कालिका पुराण (मूल, श्लोकानुक्रमणीका तथा भूमिका सहित)
Kālikā Purāṇa is considered as one of the 18 Upapuranas. It contains 98 chapters with over..
Rs.1,500 Rs.1,200
कालिदास की कृतियों में धर्मशास्त्रीय विषय: Dharmasastra Subjects in The Works of Kalidas
महाकवि कालिदास की कृतियों में धर्मशास्त्रीय विषयों का अन्वेषक यह ग्रन्थ कुल आठ अध्यायों में विभक्त ह..
Rs.350 Rs.280
काव्यादर्श पर 'रत्नश्री' टीका - डॉ. कृष्णानंद पांडेय
आचार्य दण्डी विरचित काव्यादर्श का स्थान संस्कृत काव्यशास्त्र की परम्परा में सर्वोत्कृष्ट एवं सर..
Rs.400 Rs.320
कीर्त्तिपताका:
मैथिल-कोकिल महाकवि विद्यापति (1360 से 1450 ईo) की कृति कीर्त्तिपताका काव्य मिथिलेश शिवसिन्..
Rs.250
गृह्यानुष्ठानों का सांस्कृतिक अन्वेषण: A Cultural Inquiry into The Grhya Sutras
'गृह्यानुष्ठानों का सांस्कृतिक अन्वेषण' नामक इस ग्रन्थ में वैदिक धर्मानुयायी मानव जीवन से संबन्धित स..
Rs.600
जयोतिषां ज्योति: (हिन्दी भावानुवाद संस्करण) - जगन्नाथ वेदलङ्कार
मैं भौतिक विज्ञान नहीं चाहता, धर्म संप्रदाय भी नही, न ही थियोसोफ़ी नाम से प्रसिद्ध् ब्रह्मविद्या, मैं..
Rs.400 Rs.320
नवमालती (लघुसंस्कृतनाटिकानां सङग्रह) - डाॅ नोदनाथ मिश्र)
"वार्त्ता क्या है, आश्चर्य क्या है, मार्ग कौन सा है और सुखी कौन है" ये प्रश्न यक्ष ने धर्मराज युधिष्..
Rs.300 Rs.240
पतंजलिकृत महाभाष्य के श्लोकवार्त्तिक - डॉ. कमला भारद्वाज
लगभग २६० श्लोकवार्तिक महाभाष्य में आद्योपांत अनुस्यूत हैं, जिनमें सरस रोचक शब्दों में व्याकरण के निय..
Rs.500 Rs.400
पुरुष सूक्त (टिपण्णी व्याख्या सहित) - अरुण कुमार उपाध्याय
पुरुष सूक्त वेद का मुख्य अंश है। यह हर वेद संहिता में पाया जाता है। पुरुष का अर्थ व्यक्ति नहीं अप..
Rs.300 Rs.240
बारहवीं- तेरहवीं शताब्दी के संस्कृत नाट्य साहित्य में समाज चित्रण
प्रस्तुत ग्रन्थ को भूमिका एवं परिशिष्ट के अतिरिक्त सात अध्यायो में विभाजित किया गया है. प्रथम अध्..
Rs.300 Rs.240